
मंगलवार, 27 जनवरी, 2009 को 14:28 GMT तक के समाचार
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कराची के मनमोहन सिंह...
हफ़ीज़ चाचड़बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए, कराची से
कराची में रहने वाले मनमोहन सिंह पेशे से वैद्य हैं
"जब लोगों से मैं मिलता हूँ तो वे कहते हैं कि मनमोहन सिंह यह क्या कर रहे हो? आपने क्या बोल दिया है? आप हमें चैन की नींद नहीं सोने दे रहे हो..?"
यह शब्द भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नहीं हैं, बल्कि 29 वर्षीय एक वैद्य के हैं जो पाकिस्तान के शहर कराची में रहते हैं.
सरदार मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री के हमनाम हैं. वे इससे काफी खुश भी हैं लेकिन उन्हें कभी-कभी परेशानी भी होती है.
वे कहते हैं कि जब वे ट्रेन या बस का टिकट लेने जाते हैं और अपना नाम बताते हैं तो लोग कहते हैं कि आप तो भारत के प्रधानमंत्री हैं यहाँ क्या कर रहे हैं.
मैं भी कभी कभी मज़ाक कर लेता हूँ कि वह भारत के प्रधानमंत्री हैं तो हम अपने घर के प्रधानमंत्री हैं
मनमोहन सिंह, कराची के निवासी
उन्होंने बताया, "मैं भी कभी कभी मज़ाक कर लेता हूँ कि वह भारत के प्रधानमंत्री हैं तो हम अपने घर के प्रधानमंत्री हैं."
परिवार दिल्ली में भी
मनमोहन सिंह वर्ष 2001 में पेशावर से कराची पहुँचे थे और इससे पहले वे भारत में भी रह चुके हैं. उन्होनें दिल्ली के गुरुनानक धार्मिक स्कूल से शिक्षा पाई है और उनके दो भाई अब भी दिल्ली में रहते हैं.
उन्होंने बताया कि जब वे भारत में थे तो उन्होंने भारतीय नागिरकता के लिए आवेदन किया था लेकिन भारत की नागरिकता नहीं मिल सकी.
मनमोहन सिंह का परिवार अफ़गानिस्तान में कपड़े का व्यापार करता था लेकिन तालेबान के सत्ता में आने के बाद वे पाकिस्तान चले आए थे. उनके परिवार के कुछ लोग भारत चले गए और कुछ ब्रिटेन में रह रहे हैं.
मनमोहन सिंह सात भाषाओं के अच्छे जानकार हैं जिस में फारसी, पश्तो और सिंधी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री के लिए दुआ
मनमोहन सिंह कहते हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत से समस्याओं का हल हो
कराची में चार स्थानों पर उन के चिकित्सालय (मतब) हैं और वहाँ मरीज़ों की काफी भीड़ रहती है.
मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं सब प्रकार की बीमारी का इलाज करता हूँ, ग़रीब-अमीर सब लोग मेरे पास आते हैं."
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हाल ही में बाईपास सर्जरी हुई है और वे इन दिनों अस्पताल मे भर्ती हैं.
दिल का इलाज
वैद्य मनमोहन सिंह कहते हैं कि वे भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का इलाज भी कर सकते हैं लेकिन दिल की बीमारी का इलाज जरा लंबा होता है.
उन्होंने कहा, "वे तो प्रधानमंत्री हैं, इतने समय तक कहाँ गोलियाँ खाएँगे."
उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्वास्थ्य के लिए दुआ की.
मनमोहन सिंह भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंध देखना चाहते हैं और उनका कहना है कि दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से सभी मुद्दे हल करने चाहिए.

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